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टूटा दिल

 मुझ आईने को तोड़ने का हक़ सिर्फ तुमको है,मेरी जान,


मैंने अपनी किस्मत का पत्थर दिल में सम्हाल रख्खा है,

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शीशे की निगेहबानी

 पत्थर को शीशे की निगेहबानी मिल गई,,, आग को और जलाने वाली पानी मिल गई,, किसने बांध बनाया होगा पानी के ऊपर,, टूटा बांध तो दरिया को रवानी मिल गई, जीवन का हर सफ कोरा था अफसानों के बिन,, ज़ख्म लगा जब कातिब को कहानी मिल गई,,, (प्रेम तपस्वी)