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टूटा दिल

 मुझ आईने को तोड़ने का हक़ सिर्फ तुमको है,मेरी जान, मैंने अपनी किस्मत का पत्थर दिल में सम्हाल रख्खा है,
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शीशे की निगेहबानी

 पत्थर को शीशे की निगेहबानी मिल गई,,, आग को और जलाने वाली पानी मिल गई,, किसने बांध बनाया होगा पानी के ऊपर,, टूटा बांध तो दरिया को रवानी मिल गई, जीवन का हर सफ कोरा था अफसानों के बिन,, ज़ख्म लगा जब कातिब को कहानी मिल गई,,, (प्रेम तपस्वी)

वादे उल्फत (नज़्म)

 वादे उल्फत के लिए जिंदगी खराब किए, हमने दिलबर के लिए खून को गुलाब किए,,, तुमको शोहरत तो मिले मुझको यूं तबाह करके,,, इक कहानी की तरह ज़िस्त को किताब किए मेरी आंखों के लिए हर ,,,नशा तुम्हारा है,,, हर तसव्वुर तेरी सूरत का हम शराब किए,,,, चाहें बैठे हैं खुदा की तरहा तुम्हे जानम,,, इश्कहो या सजदा हमने दोनों बेहिसाब किए,,, (प्रेम तपस्वी)

कोई इरादा

 कोई इरादा नहीं था कि तुझसे बिछड़ जाऊ मै,,, तू  बद्दुआ  देती थी  अक्सर।   कि  मर जाऊ मै,,, इक तेरे कांधे के सिवा मै हर कहीं हस तो लेता हूं,,, अब तू  ये बता  कि  रोने  को  किधर  जाऊं  मैं,,, रेत बन  के  आया   हूं  अब  तेरे  दामन में  रहने,,, इतनी बेरुखी  से ना  झटक कि  बिखर जाऊं मै,,,, बन के सफेदी ताउम्र तेरे बालों में रहना गंवारा मुझे,,, क्या फायदा हिना होकर अपने रंग से उतर जाऊं मै,,,, (प्रेम तपस्वी)

मेरे लब

 मेरे लब चूम न लेना मैं शर्मिंदा न हो जाऊं,,,, तुम्हारे दिल की दुनिया का,,मैं बाशिंदा न हो जाऊं,,, अगर रुखसत मुझे करना ,,जहां से याद ये रखना,, मेरी मय्यत में न आना,कहीं जिंदा न हो जाऊं।।