मेरे लब चूम न लेना मैं शर्मिंदा न हो जाऊं,,,,
तुम्हारे दिल की दुनिया का,,मैं बाशिंदा न हो जाऊं,,,
अगर रुखसत मुझे करना ,,जहां से याद ये रखना,,
मेरी मय्यत में न आना,कहीं जिंदा न हो जाऊं।।
प्रेम तपस्वी की बिल्कुल ओरिजिनल ग़ज़लें , नज़्म,शायरी प्रेम वियोग दर्द टूटे दिल के लिए ,दिल छू लेने वाली ताज़ी और मूल रचनाएं
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